आज नारी के अधिकार के लिये चल रही लडाई तो विराध मे उतरे हुए है दकिया नूसी भाई
अरे भाई सालो से रही आपका जीवन सवाॅर क्या नही होने चाहिये उसके अधिकार
आपके अत्याचार के कारण ही बात बढी नारी आज दोराहे पर है खडी
तीन तलाक की मार कर दो तलाक का फोन पर इजहार
तालिबानी राज है क्या यह सभ्य समाज है क्या
उसपर भी जारी जिरह और धर्म का हवाला लगता अक्ल का निकल गया दिवाला
अब देर न कर ,कर दो फेसला नारी नही कमजोर इन्हाने नही देखा उसका होसला
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