साथी छूटते जाते है रिश्ते बनकर टूटते जाते है
पहले जिनके सहारे थे वे दूर हो गये जिनके बिना जीने का न सोचा जीने को मजबूर हो गये
जिन्दगी चलती अकेले ही है साथ तो बस अहसास है जो था आज कल नही बस प्यास ही प्यास है
ऐसे ही चलते चलते निकल जाते है पुराने छूट जाते नये रिश्ते बदल जाते है
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