धरती तो सुन्दरता का उपहार पर हमारी हवस से उजड जाता संसार
ईश्वर ने सब बनाया खूब जानवर ने सवारा हमारी संग्रह की प्रवृति ने सब बिगाडा
जहाॅ आदम नही पहुॅचा वह आज भी खूबसूरती है हसीन पर आदमी कहाॅ इतना जहीन
इस लिये आदमी अपने जानवर पन का करे विचार सीखे जानवरो से कैसे करते व्यवहार
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