रास्ता ही मेरा विश्वास बहने से काम बाकि जीवन कितना जाने राम
विचार प्रवाह एक बहती धार मै नही रूकता नही मानता हार पता नही मुझे आगे आएगी कितनी कठिनाई कहाॅ गिरूगा आगे होगी कितनी बडी खाई आगे आएगा कितना बडा अवरोध का पहाड बाॅट देगा मेरे प्रवाह की धार रास्ता ही मेरा विश्वास बहने से काम बाकि जीवन कितना जाने राम
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