शिव मे राम और राम मे शिव ऐसे है समाए जैसे स्वांस बिन शरीर रह न पाए
माता सती ने सीता जी का रूप धर परीक्ष ली शिव ने जान छोड दिया सती जी के पति का स्थान यह है शिव की भक्ति का प्रमाण
कमलनयन रोज करते शिव का ध्यान करत हजार नामो के लेकर हजार कमल से श्रृंगार एक कमल न मिला तो नयन निकाल कर लिया चढाने का विचार
शिव बिना राम को नही सकते जान शिव के मिलते ही हो जाता राम का ज्ञान, राम नाम रखा लिया अपने पास कहते राम को जानने का करो प्रयास
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