मै देख रहा हू क्या चल रहा आज, कैसे व्यवहार कर रहा समाज
यहाॅ संचय करना अपराध है जितनी आज की भूख उतना खाओ, सुख से जीवन बिताओ
कल होता नही इसलिये हम करते नही कल की फिकर, खोते नही आज मरते नही कल की सोच कर
हर तरफ रहती मेरी नजर आखिर मेरा है राज, सुख शांती से रहना चाहिये समाज
सब का फलना फूलना जरूरी, एक दूसरे पर आश्रित समाज ,करता एक दूसरे की कमी पूरी
किसी छोटे से छोटे का नुकसान मेरा नुकसान, छोटो की रक्षा से ही राजा बनता महान
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