लडकी नही लडका चाहिये ऐसा करती माॅ विचार बिखर गया परिवार
दो बच्चो की माॅ चल दी छोड घरबार बिखर गया परिवार
बच्चो को याद आता माॅ का प्यार बिखर गया परिवार
बेटा शराबी फिर बेटियो मे क्या है खराबी जरा करो विचार बिखर गया परिवार
माॅ को मारता बाप का नही करता सत्कार बेटिया चला रही घर संसार बढाओ सोच का विस्तार बिखर गया परिवार
बेटिया नही तो सूना संसार माॅ बाप से करती प्यार फिर भाी उनको मिलती दुत्कार इस सोच ने दिया मार कि बेटे चलाते परिवार
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