
इनकी मौन साधना से हम जी रहे और खा रहे अपने बच्चो को बतानी है यही बात जो हम भुला रहे
ये दिन रात करते है काम तब होती खडी फसल पर नही मिलता जितना लगाते ये असल
हमे बच्चो को सिखाना होगा कितनी मेहनते का फल है यह अन्न का दाना इनके योगदान को न भुलाना
इसलिये कोई किसान कोई जवान जागता दिन रात तब पैदा होते सुख शांती से जीने के हालात
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