काश ये वर्तमान से करती प्यार तो हकीकत मे रच देती सपनो का संसार
उम्मीदो और ख्वाबो की मारी ये आॅखे बेचारी जागते देखती है सपने जो कभी नही होते अपने परायो का प्रेम मार देता हैएक मरा दूसरा सपना जन्म लेता है काश ये वर्तमान से करती प्यार तो हकीकत मे रच देती सपनो का संसार
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