Monday, January 2, 2017
Sunday, January 1, 2017
सब कुछ बदल जाता है जैसे बदल जाता चलने वाले लोग यह सब बनते बिगडते रहेगे यह जीवन संयोग

कभी यह एक नया बना था पर वह बीते सालो की बात न वो दिन वो रात
सब कुछ बदल जाता है जैसे बदल जाता चलने वाले लोग यह सब बनते बिगडते रहेगे यह जीवन संयोग
लोगो को हो जाता कई बार अपने आप से प्यार मै कितना सुन्दर क्या है मेरा निखार
समय के आईने मे हो जाती तस्वीर साफ अपने को ही देख लगता है कभी बेटे थे अब बाल झड गये बन गये बाप
देखो तो फूल कौ चढ हमारे सर मुस्कुरा रहे जैसे बच्ची और फूल दोनो मिल कोई गीत हो गा रहे
प्रकुति और मनुष्य का यही नाता है एक दूसरे का साथ एक दूसरे को बढाता है
देखो तो फूल कौ चढ हमारे सर मुस्कुरा रहे जैसे बच्ची और फूल दोनो मिल कोई गीत हो गा रहे
संदेश साफ है प्रकृति विरूद्ध नही कुछ माफ है जो प्रकृति के खिलाफ वो हमारे खिलाफ है
देवता भी मुस्कुराते है जब हम साथ मिल उनकी इबादत मे गीत गुनगुनाते है
जेल मे बेडिया खुल गई खुल गया द्वार चल दिये वसुदेव जी हुआ कृष्ण अवतार
जेल मे बेडिया खुल गई खुल गया द्वार चल दिये वसुदेव जी हुआ कृष्ण अवतार
हर तरफ मचा हुआ भय और अत्यचार आए धरती पर प्रभु हरने को धरती का भार
यमुना जी ने दिया रास्ता वसुदेव जी पहुॅचे नंद जी के द्वार रचने अपना लीला संसार
अब होगा पापियो से युद्ध आर पार आए प्रभु धरती पर ले मानव अवतार
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