
कभी यह एक नया बना था पर वह बीते सालो की बात न वो दिन वो रात
सब कुछ बदल जाता है जैसे बदल जाता चलने वाले लोग यह सब बनते बिगडते रहेगे यह जीवन संयोग
लोगो को हो जाता कई बार अपने आप से प्यार मै कितना सुन्दर क्या है मेरा निखार
समय के आईने मे हो जाती तस्वीर साफ अपने को ही देख लगता है कभी बेटे थे अब बाल झड गये बन गये बाप
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