तुम न जाने कितनी ही खुशियो के गवाह पर तुम्हारे जाने के बाद दनियाॅ हो जाती काली कमजोरो से बेपरवाह
अॅधेरे के साथी शैतान जो दिन मे नजर आते इंसान किसी अॅधेरी गली मे रोक लेते हमारी राह पर तुम्हारे जाते ही सब हो जाते बेपरवाह
इस लिये आज तुम न जाओ की छा जाएगा अॅधेरा पता नही हम देख पाएगे ऐसे ही खुशहाल कल का सबेरा
जो सबरे दिखते मासूम अॅधेरे मे इनके निकल आते खून पीने वाले दाॅत शरीर छोड देते पर खत्म हो जाती जीने वाली बात
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