पत्थर की दीवार पर करती है सृजन इसकी कला को मेरा है नमनपत्थर पर उगा दिये हाथी और पेडो की कतार जैसे लिखे हो लेखक ने अपने विचार
इनकी कला का क्या कोई दाम दे पाएगा यह है अनमोलऐसा लगता सब सजीव अभी पडेगे बोल
ऐसे कलाकारो ने बताया है पत्थर मे भी पड सकते प्राण कलाकार डाल सकता पत्थर मे भी जान
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