कोयले से बिजली पैदा करने मे होने वाल प्रदूषण पर डालो नजर, ढक जाता राख से सारा नगर
राख ही राख नजर आती इधर उधर ,क्या पेड पत्ते घर कर जाती हमारे अंदर
ऐसे मे उम्मीद की किरण, ना किसी तरह की चिंता ,न किसी प्रकार का हानिकारक विकिरण
देखो तो उन्नत आकाश, दूर तक प्रकाश ही प्रकाश ,इसे सोख रात को करो उजाला, न जमीन काली न फेफडा काला
यह है छोटी सी बात ,धुए के कारण दिन भी हो गया काला ,धुन्ध है छाई नही उजाला
हम सब इसके धीमे जहर के शिकार ,असमय मर रहे बिमारियो की मार
हम बोलते तमसो मा ज्योर्तिगमय तो चलो प्रकाश की उर्जा अपनाए ,अपनी धरती को बचाए
No comments:
Post a Comment