दलित की बेटी से दौलत तक का सफर अब तो दलित बहुत दूर वो कहाॅ आते इनको नजर
इनकी दौलत कर रही हर उस गरीब का उपहास जिसने दलित मान इन पर किया विश्वास
अब कौन इनको बताए गरीबो के आॅसू जो बह रहे इनके नाम ये तो बन गई अमीर उनके कंधे पर चढ पा लिया मुकाम
उस कमजोर पर आज भी मार है गरीबी बोझ का और अत्याचार है उससे मदद की दरकार है
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