अब जुल्म हो गया हद के पार अब मुझको भी उठाना पडेगा हथियार
सब कुछ सह सकता पर नही सह सकता नारी पर अत्याचार लगता अब मुझको भी उठाना पडेगा हथियार
हर ओर रूदन और चीत्कार विवश कर रहा यह अमानुशिक व्यवहार लगता अब मुझको भी उठाना पडेगा हथियार
राम कृष्ण की धरती को कर दिया लहूलुहान कहाॅ से पैदा हो गई ऋषि मुनियो की धरती पर ऐसी संतान
No comments:
Post a Comment