
माॅ बच्चे का ऐसे करती है खयाल कोई छूले उसके बच्चे को किसकी है मजाल
बच्चे को किसी से अगर हो जाए नुकसान तो वह लड जाती चाहे सामने हो भगवान
हर जीव मे माॅ एक समान वही बच्चे की पहली शिक्षक उसी से होती सबसे पहले पहचान
कहते माॅ का स्पर्श ऐसा कि जैसे दुलारता हो भगवान ,तू तो माॅ सबसे महान
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