सडक के दोनो ओर पेड और वह भी हो फल दार तो छाया की छाया सफर हो जाता खुशगवार
पर यह पेड यू ही नही खडे हो जाते इसके लिये करनी पडती है मेहनत तब जाके खडे हो पाते
फलो की कमाई से निकल आता सडक का रख रखाव जो बचे उससे पेड का रख रखाव करवाओ
और जो गिरते उनसे मिलता जलाउ ईधन जो आता गरीब के काम उसके भोजन पकाने का इंतजाम
फिर कम पडती प्रदूषण की मार करते वायु का शुद्धीकरण और आक्सीजन का विस्तार
पेड ही तो करते बादलो की पुकार और रोक लेते जडो मे आसमानी अमृत की धार
इनके कारण ही कुॅओ तलाबो मे चलती पानी की झीर शुद्ध जल बदल देता पीने वाले की तकदीर
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