भारत की संसद मे आज नारी की आवाज बुलंद है अच्छे बोलने और समझ वाले पुरूष चंद है।
औरतो के अधिकार को यू न नकारो उनके सम्मान को कल नकारा पर आज स्वीकारो।
किसी भी समाज का हाल औरतो की दशा कर देती है बयान इसलिये कि औरत कई मायने
मे पुरूष से है महान। जिसने पैदा किया उस समाज पर यह अत्याचार तीन बार तलाक
कह दिया नकार। सब कुछ सह कर रहती है उठाती है घर का भार उसकी मजबूती पर हर
समाज करे विचार। इन दकियानूसी विचारो को मत करो स्वीकार उसकी बराबर कि
हैसियत पर न बोली क्योकि तुम से करती है बहुत प्यार। धर्म के जो बन रहे
ठेकेदार उनकी उठ चुकी दुकान वे सब पुरातन पंथी और बेकार। आज की आवाज उसे
शिक्षा दो ज्ञान दो जिसकी वह हकदार नारी को वह सम्मान दो वही आगे बढ पाएगा
उन्नति की सीढी चढ पाएगा। भारत की संसद मे आज नारी की आवाज बुलंद है अच्छे
बोलने और समझ वाले पुरूष चंद है।।
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