फल फूल और सब्जी की खेती ने बदल दिये हाल नही है पैसे की चिंता पूरे साल खुशहाल
दो फसल और बडा परिवार मुश्किल हो गया चलाना परिवार ,जरूरत थी की कोई और हो रोजगार
पर अब तो लोग पडते है कम, सब्जी फल फूल और जानवर दुधारू ,हर काम मे खूब दाम ,कठिन हो गया इंतजाम
अब सीखा एक और काम आदमी अपने, जमीन अपनी करो व्यापार कच्चा माल घर का करो केचप आटा मसाले तैयार
बाजार मे दो शुद्ध माल बिकता हाथो हाथ जो खरीदता बोलता अब कब होगी मुलाकात इतना अच्छा कभी खाया नही किसी कम्पनी ने खिलाया
आलू का बना 200 रूपए किलो का चिप्स ,जो बिकता था औने पौने दाम अब व्यापार सीखने का आया परिणाम
किसान को सीखना होगा व्यापार तभी वह कर पाएगा अपना उद्धार
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