Tuesday, February 28, 2017
Monday, February 27, 2017
उस दिन भी थे गद्दार और आज भी है गद्दार दूसरो से नही हारते होते रहे हम अपनो के शिकार
उस दिन भी थे गद्दार और आज भी है गद्दार दूसरो से नही हारते होते रहे हम अपनो के शिकार
सोचो किसने बताया कि मै यहाॅ बैठ कर रहा किसी का इंतजार वही गद्दार
किसने टोपे को पकडवाया किससे न हारने वाला पृथ्वी राज गया हार वही गद्दार
हर हार मे छिपी है गद्दारी जेएनयू वालो की लगता गद्दारो से गहरी यारी
इसलिये इनको आज भाते तराने गद्दारी के देश तोडने की तैयारी के
दूसरा नही अपने पास वाला ही मारता है इसलिये सावधान रहो व्यक्ति अपनो से हारता है
पिता हुए बलिदान उनका कार्य महान बेटी कर रही ऐसी बात की पिता होते तो न देते साथ
Sunday, February 26, 2017
मन की बात जिसके पास हो मन उसकी समझ मे आती है पूरे परिवार को धन की बात भाती है
मन की बात जिसके पास हो मन उसकी समझ मे आती है पूरे परिवार को धन की बात भाती है
आखिर यादव सिह का रिश्तेदार और साथी है जिसके घर गरीबो की कमाई जाती है
आज पूरे समाचार आपकी सडक का गुन गा रहे भष्टाचारी सडक पर किस तरह आप साइकिल दौडा रहे
आपका खेल धीरे धीरे खुल रहा है कैसे सैफई मे नाॅच और बाकि प्रदेश दंगो की आग मे जल रहा है
आप बैठ नाच देखते है करते है मजा बाकि सब परेशान पा रहे आपको जिताने की सजा
इसलिये काली कमाई वाला साथी आपको भाया इसलिये आपने नोट बंदी मे सुर से सुर मिलाया
लगता आपके परिवार की लडाई मे भी मन नही धन की है बात मन होता तो समाजवदी होते मुलायम जी के साथ
Saturday, February 25, 2017
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